27 सितंबर 2011 - 20:30

पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने बुधवार को कहा कि उनका देश कश्मीर समेत सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं ......

पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने बुधवार को कहा कि उनका देश कश्मीर समेत सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं जो एक ठोस संवाद की प्रक्रिया में शामिल हैं और आशा है कि यह लगातार चलती रहेगी। साथ ही हक्कानी का समर्थन करने के अमेरिकी आरोपों के बीच खार ने अपने देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई का बचाव किया है।विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के स्थान पर 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर रही थी जो देश में जारी बाढ़ की वजह से 66वें सत्र में हिस्सा नहीं ले पाए। 34 वर्षीय विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अपने निकटतम पड़ोसियों के हाथ थामने और सभी को लाभ देने वाले रवैए के साथ टिकाऊ शाति और विकास लाने के लिए उनके पास पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, मैं यह जानकर बेहद खुश हूं कि पाकिस्तान और भारत दोनों अब एक ठोस संवाद प्रक्रिया में शामिल हैं।उन्होंने कहा कि टिकाऊ स्थिरता के लिए कश्मीरी लोगों की आकाक्षाओं को पूरी तरह से पूरा करने वाला एक शाति प्रस्ताव अत्यावश्यक है क्योंकि यह उनके मूलभूत मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए जरूरी है।हिना ने कहा कि परमाणु हथियार संपन्न दक्षिण एशिया की वास्तविकता ने पाकिस्तान और भारत पर आपसी विश्वास पैदा करने, हथियारों की स्पर्धा से बचने और रणनीतिक स्थिरता को बढ़ाने के लिए साथ मिलकर काम करने की भारी जिम्मेदारी दी है।हिना ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच कहा कि विश्व में शाति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना पाकिस्तान के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। एक लोकतात्रिक देश होने के नाते पाकिस्तान वैश्विक शाति और समृद्धि के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करता रहेगा। पाकिस्तान अपनी चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेगा और एक शातिपूर्ण और समृद्ध समाज बनाएगा।हक्कानी नेटवर्क के साथ आईएसआई के संबंधों के बारे में अमेरिकी आरोपों पर खार ने कहा कि अल कायदा और उसके सहयोगी गुटों के विरुद्ध हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।उन्होंने कहा कि इससे सभी परिचित हैं कि तोरा बोरा पर बमबारी और अल कायदा के भागने के पीछे पाकिस्तान की खुफिया और सुरक्षा एजेंसिया थीं। इनलोगो ने भारी संख्या में अल कायदा संचालकों को खत्म किया है।हाल ही में, आईएसआई और सीआईए के संयुक्त अभियान में अल कायदा के मुख्य संचालक यूसुफ अल मौरितानी को पकड़ा गया है। खार ने कहा, यदि मैं पाकिस्तान के बलिदानों और दु:खों को गिनाना शुरू करूं तो यह अगले वर्ष सितंबर तक जारी रहेगा। हम आतंकवाद को हल्के में नहीं ले रहे हैं और न ही ले सकते हैं क्योंकि हमें इसकी वजह से भारी नुकसान हुआ है।अमेरिकी सैन्य प्रमुख एडमिरल माइक मुलेन ने हक्कानी नेटवर्क को आईएसआई का वास्तविक हिस्सा बताया है। हिना रब्बानी खार ने कहा कि उनका देश अपनी भूमि, क्षेत्र और विश्व से आतंकवाद को खत्म करने के लिए एकजुट है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अन्य देशों को भी दूसरे देशों के खिलाफ अपनी भूमि का इस्तेमाल आतंकियों को नहीं करने देने के लिए वादा करना चाहिए।आतंकवाद को वैश्विक मुद्दा बताते हुए खार ने कहा कि पाकिस्तान अपनी ओर से विश्व के सभी देशों के साथ खुफिया सहयोग, वैधानिक और अपराधिक मामलों के साथ-साथ संयुक्त अभियानों के लिए आपसी सहयोग और व्यवस्था कायम कर रहा है।पाकिस्तान को आतंकवाद से पीड़ित बताते हुए हिना रब्बानी खार ने आतंकवाद की वजह से मारे गए पुरुष, महिला, सुरक्षा बलों के बारे में विस्तृत ढंग से बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की लोकप्रिय नेता बेनजीर भुट्टो की हत्या की गई। इसके अलावा अनेक राजनीतिज्ञों को अपने सगे-संबंधियों को आतंकवाद की वजह से खोना पड़ा है। आतंकियों ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों, धार्मिक संस्थानों पर भी हमले किए हैं। हमारी गलियां सशस्त्र पुलिस चौकियों से भरी पड़ी हैं। हम बिना जांच पड़ताल के अपने पार्क अथवा शापिंग सेंटर, चर्च, मस्जिद में प्रवेश नहीं कर सकते। इस तरह की हो रही हानि के बीच पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ने के लिए तैयार है और वह इसके दुष्परिणामों से नहीं डरता है। खार ने देशों से एकजुटता की अपील की।समाचार समाप्त......166